अमीरी गरीबी

 *भुलभुलैय्या अमीरी* *गरीबी का...*

✍️ २७७७


 *विनोदकुमार महाजन* 

💰🌈💎💎💎


भुलभुलैय्या से चलती है दुनियादारी !

कोई अमीर है तो कोई गरीब !


हर एक का सपना होता है अमीर बनने का !

गरीब को भी लगता है , हम जरूर अमीर बनेंगे !

क्योंकी गरीबी है एक शाप !


अमीरी में होती है 

शान ए शौकत , एक विलासी जीवन !

मगर फिर भी अमीरी में होता है दिखावा , भपका , अवडंबर , सबसे मैं बडा की अहंकारी वृत्ती !


भुलभुलैय्या का जीवन सारा !

हाय फाय जीवन जीने की चाहत !

करोडों का बंगला , गाडी , नौकर , चाकर आंखों को चकाचौंध कर देती है !

फिर भी संत कबीर कहते है और अनुप जलोटा बहुत ही बढीया ढंग से गाते है...

" *जो सुख नाही अमीरी* *में , मन मेरा* *लागा फकिरी में* "


धन चाहिए , धन वैभव की खनखनाहट चाहिए !

मगर आखिर धन के लिये भी होता है ,

" *नशीब अपना अपना "*


धन वैभव तो केवल मनुष्यों को ही लगता है !

बाकी पशुपक्षी तो धन वैभव ना होकर भी मस्त होकर आनंदी जीवन जीते है !

रास्ते पर खाना , रास्ते पर ही सोना !

राजमहल तो इंन्सानों को लगता है !


हाँ धन तो चाहिए ही चाहिए !

मगर दो नंबर वाला नहीं बल्की माता महालक्ष्मी की कृपा वाला धन चाहिए !


मगर होता क्या है ,

काला हो या गोरा , कौनसे भी कमाई का हो , आखिर पूजा जाता है तो, धनवान ही !

गरीब को कौन पूछता है यहाँ ?


सत्य , प्रेम , इमानदारी , सत्वगुण की कीमत आखिर , धन वैभव के सामने होती ही नहीं है !


" *विद्वान सर्वत्र पूज्यते* *नहीं चलता है ,* *वास्तव में धनवान* *सर्वत्र पूज्यते* " यही दुनियादारी का वास्तव है और इसी पर केवल दुनियादारी चलती भी है !


धनवान फिर चाहे हो अवगुणी या फिर हो पाप की कमाई वाला , कीमत उसीकी ही होती है !


गरीब बेचारा *मारे मारे* 

फिरता रहता है !


 *मॅन पाॅवर और मसल* *पॉवर* 

 *केवल और केवल* 

 *मनी पाॅवर से ही चलती* *है !*


 *अमीरों को रामराम* 

 *गरीब तेरा क्या काम ?*

यही दुनिया का दस्तुर है !


अमीरों को लगता है और पैसा चाहिए , मध्यमवर्गीय को लगता है , मालामाल होना चाहिए , गरीब को लगता है , धन की वर्षा होनी चाहिए !


 *है ना साथीयों ?*

मगर आप चाहे अमीर हो , मध्यमवर्गीय हो अथवा गरीब हो ,

ईश्वर के लिये सब एक समान ही होते है !

ईश्वर के दरबार में भेदभाव है ही नहीं !

 *इसिलिए तो...*

अमीर हो या गरीब हो , सब ईश्वर की पूजा मनोभाव से करते ही है !


 *मेरा पांडूरंग* 

गरीबों का भी है , अमीरों का भी है ! पशुपक्षीयों का भी है !

 *सबका हरी मेरा श्रीहरी* 


पांडूरंगाची भगवी पताका घेऊ खांद्यावरी 


 *पांडूरंग पांडूरंग* 

 *पांडूरंग हरी वासुदेव हरी* 


🙏🙏🙏🙏🚩

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