हम तुमसे प्रेम करते रहे

 *हम? तुमसे प्रेम करते* *रहे..? तुम ?* *नफरत का बीज बोते* *रहे...* 👆❓

✍️ २७८०


 *विनोदकुमार महाजन* 

⁉️❓⁉️❓


जी हाँ साथीयों

हम *उनपर* हमेशा 

सच्चा प्रेम करते रहे और वो ? *हमपर हमेशा* नफरत का बीज बोते रहे ?


 *सदीयों से !*

सदीयों से हम असली भाईचारा निभाते रहे !

और वो ?

सदीयों से भाईचारे की आड में हमारा घात करते रहे !


 *कौन ?*

 *सोचो समझो जानो* *जागो असलियत* *पहचानो !*


भाईचारे में हम हमारा ही अस्तित्व खोते रहे !

सदीयों से वो हमें भाईचारे के आड में भगाते रहे !


 *अभी भी नहीं समझे ?*

 *अभी भी अनाडी ही* *हो ?*


हर जगहों से हमारे मठ मंदिर गिराए गए ! ?

हमारे आदर्श संस्कृती के नामोनिशाण मिटाते गए ! ?

जगह जगह पर हमारे आदर्शों को जमीनदोस्त करते गए ???


 *और फिर भी हम* *भाईचारा निभाते रहे !*🤫

 *आज तक अभी तक* 

यही सिलसिला लगातार चलता आ रहा है !


 *फिर भी हम आज भी ?*

भाई समझकर प्रेम करते रहे !

तुम्हारे आदर्शों की लगातार पूजा करते रहे !

और तुम ? हमारे आदर्श श्रद्वास्थानों पर *मौका* *मिलते ही* हमले करते रहे ! ?


तुम *कावेबाज ,* *धोकेबाज , षड्यंत्रकारी* होकर भी हम आज तक तुम्हारी असलीयत समझ न सके !


 *तुम लुटाते रहे* 

 *हम लुटते रहे !* 

तुम बरबाद करते रहे 

हम हर जगहों पर बरबाद होते रहे !


हमारी ईश्वरी वृत्ती हम कभी भी छोड न सके !

तुम तुम्हारी हैवानियत भरी गहरी चाल कभी भी छोड न सके !


तुम भगाने में माहीर हो,

हम भगौडे होकर भी , कभी भी जाग ना सके !


झूटे भाईचारे की आड में 

हम तुमपर विश्वास करके बारबार बरबाद होते रहे !


आक्रमणकारी , चोर , लुटारू होकर भी हम तुम्हे बारबार अपनाने की झूटी कोशिश करते रहे !


 *मगर याद रखना* 

अत्याचार का अंत भी बहुत ही बूरा होता है !

जब ईश्वर की लाठी चलती है *तब ?* 

उसके लाठी की आवाज तक सुनाई नहीं देती है !


 *जरासंध के सौ अपराध* *भरने तक* 

स्वयं भगवान भी शांत और मौन रहे !

जरासंध के आतंकवादी पाप मौन होकर देखते रहे !

और सौ अपराध पूरे होते ही ❓

 *आगे क्या हुवा था यह* *तो तुम ही बताओ* *ना ?*


रावण दुर्योधन कंस हिरण्यकश्यपू जैसे *महापापीयों का अंत भी* ? 

ईश्वर के दरबार में कैसा हुवा था यह भी आप सभी को पता है ना ! ?


 *हम भोलेभाले जरूर है* *दिलवाले भी है* 

 *मगर* 

 *ईश्वराधिष्ठित विश्व* 

यह महान सिध्दांत मानने वाले भी है !


 *इसिलिए...?*

 *जब ईश्वर की लाठी* *बोलेगी तब ?*

तुम्हारा सर्वनाश तय है 

 *पक्का तय है !* 


 *और यह समय भी* *नजदिक ही है !*


 *आगे देखिए होता है* *क्या ?* 


 *जय हरी विठ्ठल* 


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