सचमुच में कितना सुंदर मनुष्य देह ईश्वर ने बनाया है...? कमाल है ना...? हर इंद्रीय जबरदस्त तरीके से हर जगह पर बिठाये है और ? हर इंद्रीय अपना दाईत्व यथायोग्य निभा रहा है... कमाल का है ईश्वर भी.... विनोदकुमार महाजन
ईश्वर ने चौ-याशी लक्ष योनी तो बनाई... इसमें सभी संजीव , ईश्वरी रचना के अनुसार कार्य कर रहे है , जी रहे है... एक मनुष्य प्राणी छोडकर...काश... मनुष्य प्राणी के बिना संपूर्ण सजीव सृष्टी ईश्वर बनाता तो कितना अच्छा होता... खैर.... विनोदकुमार महाजन
जब दुनिया और दुनियावाले तुम्हें निरंतर रूलायेंगे तब ? तुम ईश्वर के जादा से जादा नजदीक पहुंचेंगे...👍🌹🌹इसिलिए जहर हजम करना सिखेंगे तो ? निश्चीत ही अमृत कूंभ मिलकर रहेंगे... विनोदकुमार महाजन
शायद... भारतीय समाज को , विकास से कुछ लेना देना ही नहीं है...फ्री का कितना मिलता है और महॅंगाई कैसे बढ गई है ? इसपर ही चर्चा जोरों पर है...कर्मदरीद्री लोग ? देवदूत को भी भगाएंगे और खुद का भयावह सर्वनाश कर लेंगे ?? विनोदकुमार महाजन
वरून चांगुलपणाच नाटक आतुन कपट... अशी ही दुनियादारी.. आपलं मात्र रोखठोक स्पष्ट वक्तेपणा...ना नाटक ना कपट...मन चंगा तो कटौती में गंगा... विनोदकुमार महाजन
सैतानाची सेवा अन् देवाचा हेवा... देव तो दानव वाटू लागला आणि दानव तो देव वाटू लागला...??.( अधर्माचा घनदाट अंधार ) कलियुगी उलटा न्याय...हरी ओम....🙏🙏🙏 विनोदकुमार महाजन
हे भगवान.... विनोदकुमार महाजन हे भगवान स्वर्ग से धरती पर तू भूलकर भी मत आना , कभी भी ना आना...तू आयेगा तो ? पशुपक्षी , हिंस्त्र पशू भी तुझे पहचानेंगे , तुझपर प्रेम करेंगे... मगर...? कलियुगी क्रूर , उन्मत्त , उन्मादी मतलबी , स्वार्थी इंन्सान ? तुझे बार बार रूलायेगा , तडपायेगा.. तू कभी भी ना आना.. 🙏🙏🙏🙏