हिंदुओं की जीत
*संवेदनाशून्य और बोथट* *समाज....* ✍️ २७७५ *विनोदकुमार महाजन* 🤫🤫🤫🤫🤫 संवेदनाशून्य तथा बोथट समाज और समाज मन बनाने की धीमी प्रक्रिया होती है ! संपूर्ण समाज को हतोत्साहीत , उदासिन , संवेदनाशून्य बनाने की एक योजना बध्द तथा लंबे समय की प्रक्रिया , धीमा जहर ( स्लो पाॅईजनिंग ) की तरह कार्य करती है ! और हमारे संस्कृती को संपूर्ण रूप से तहस नहस करने के लिये , तथा संपूर्ण रूप से उध्वस्त करने के लिये , अनेक आक्रमणकारी तथा लुटेरों ने यही प्रक्रिया हमारे देश में अनेक सालों तक अपनाई , परीणाम स्वरूप हमारा देश तथा समाज मन धीरे धीरे हमारे ही आदर्श तथा ईश्वर निर्मित संस्कृती से दूर चला गया और आज भी चला जा रहा है ! और धीरे धीरे वही समाज पाश्चात्य संस्कृती को अंधे से गले भी लगा रहा है ! हमारे ही आदर्शों को और आदर्श सिध्दांतों को भूलकर ? आश्चर्य है ना ? सबसे पहले हमारे जड पर उन्होंने , उन आक्रमणकारीयों ने प्रहार किया ! इसिलिए मैकैले ने सबसे पहले हमारे गुरूकुल तथा गौशालाओं पर जबरदस्त प्रहार किया ! और उनकी कुटील और जटील , हमारे संस्कृती को बरबाद करने वाली शिक्षा प्रणाली हमपर थोप दी ! मुगल...