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अमेरीका

 शायद...अगले दो तीन महिने के अंदर , हिंदुत्व पर आधारित बीग बजेट अंतरराष्ट्रीय फिल्म निर्माण के उद्देश से ( व्हिसा पासपोर्ट बनते ही ) मैं दो साल के लिये अमेरीका जा रहा... हिंदुत्व का आगे का कार्य शायद...आजीवन अमेरीका में ही रहकर करूंगा...इस विषय पर किसी को अधिक जानकारी चाहिए तो मेरे निचे के व्हाट्सअप नंबर पर संपर्क करना... अंतरराष्ट्रीय पत्रकार  विनोदकुमार महाजन  +91 8329894106

घरदार

 ईश्वरी कार्य धर्म कार्य यासाठी कायमस्वरूपी घरदार , नातेवाईक यांचा त्याग करावाच लागतो का ? घरदार न सोडता ईश्वरी कार्य सफल होऊ शकते का ? विनोदकुमार महाजन

ईश्वरी कार्य के लिये

 भक्ती वेदांत प्रभुपाद जी ने पत्नी और बच्चों को , सुभाष चंद्र बोस जी ने पत्नी और बेटी को , नरेंद्र मोदी जी ने पत्नी और भाई बहनों को ,सभी रिश्तेदारों को ? सदा के लिये क्यों छोड दिया ? ईश्वरी कार्य के लिये ? धर्म कार्य के लिये ? सनातन धर्म के लिये ? सबकुछ त्याग दिया ?? विनोदकुमार महाजन

श्रीखंड्या

 पैठण के एकनाथ महाराज जी के घर में स्वयं भगवान श्रीकृष्ण श्रीखंड्या बनकर गुप्त रूप में रहकर पाणी भरता था ? और उनका इकलौता बेटा हरी पंडीत ? एकनाथ महाराज जी से झगडा करके काशी चला गया था ! नियती का खेल भी बडा अजीब होता है !! जय श्रीकृष्ण !!! विनोदकुमार महाजन

धर्म रक्षा

 *महाभारत के समय* *में ??*  [ *विनोदकुमार* *महाजन*  ] कौरव पांडवों का घनघोर रणसंग्राम से नाश हुवा ? यादव कुल का नाश हुवा ? श्रीकृष्ण का एक बाण से ? अवतार कार्य समाप्त हुवा ? भगवान के आंखों के सामने सबकुछ ? हुवा ?? क्यों ? सत्य की रक्षा के लिये ?? धर्म की रक्षा के लिये ??? युगों युगों से लेकर ? युगों युगों तक ?? धर्म की तथा सत्य की रक्षा के लिये ? ऐसा ही होता रहेगा ???  *घनघोर रणसंग्राम...?* 💥💥💥💥

मानवता

 एक " वो...? " है जो अपने धर्म के लिये मर मिटने को तैय्यार है और ? एक " ये " है जो धर्म का भी हॅंसी मजाक बनाते है... सोचो , समझो , जानो , जागो... मानवता की जीत के लिये ? हैवानियत ? हरानी होगी... विनोदकुमार महाजन

सुखाचा मंत्र

 *ईश्वरी सिध्दांत*   *विनोदकुमार महाजन*  🌹🌹🌹🩷 तुमचे उच्च कोटीचे चांगुलपण , तुमचे उच्च कोटीचे ईश्वरीय प्रेम याच्याशी..." त्यांना..." कांहीही घेणंदेणं नसेल तर ? तुम्हीही त्यांच्याशी कांहीही  " घेणंदेणं " ठेऊ नका. तुम्ही शुद्ध प्रेम करूनही तुमचा द्वेषच केला जात असेल तर ? प्रतिशोध न घेता ते स्थान कायमचे सोडून दूर निघून जा. व ईश्वरी सेवेत राहून ईश्वराशी एकरूप होऊन जा.  *हाच परमोच्च सुखाचा* *मंत्र आहे.* 🩷🌹🌹🌹