ईश्वर
*ईश्वर के शत्रू ??* ✍️ २८३३ *विनोदकुमार महाजन* 🤔🤔🤔🤔 *ईश्वर...* सर्वव्यापी , सर्वसाक्षी , हर एक के अंदर बसने वाली दिव्य शक्ती... एक दिव्यत्व की अनुभूती !! तो ? ईश्वर के शत्रू कौन और कैसे हो सकते है ? और क्या ईश्वर को भी शत्रूओं का क्रोध आता है ? ईश्वर तो स्थितप्रज्ञ होता है ? जी हाँ..ईश्वर को भी क्रोध आता है...और ईश्वर का क्रोध भी ? महाभयंकर होता है ! शिवतांडव...!! और जब ? उसी ईश्वर के सृष्टी निर्माण में , आसुरीक शक्तियों द्वारा बाधाएं उत्पन्न की जाती है , सज्जन शक्ती प्रताडित की जाती है तब ? ईश्वर केवल क्रोधित ही नहीं बल्की , ईश्वर का कोप हो जाता है ! और यह ईश्वर का कोप भी भयंकर होता है ! जब सत्य पर और सत्य सनातन धर्म पर राक्षसी शक्तियों द्वारा संकट उत्पन्न किया जाता है ? तब .. ईश्वर क्रोधित हो जाता है ! जब उसके ही धर्म पर संकट आ जाता है तो ? ईश्वर क्रोधित तो होगा ही होगा ना ? आज ? उसीके गौलोक से आनेवाली गौमाता , प्रत्यक्ष कामधेनू , जो निरंतर भगवान दत्तात्रेय तथा श्रीकृष्ण के साथ वास्तव्य करती है उसी गौमाता के खून ? की नदीयां आज संपूर्ण धरती...