स्वाभीमानी भारत
*भारत ? इतना* *स्वाभिमानी कैसे था...?* ✍️ २८३७ *विनोदकुमार महाजन* 🚩🚩🚩🚩 एक भारत था जो हीन दीन लाचार नहीं था ! एक भारत श्रेष्ठ भारत था ! एक भारत सोने की चिडिया वाला भारत था ! हर एक भारतीय सुसंस्कृत , संपन्न था,स्वाभीमानी था , परोपकारी था , ईश्वर प्रेमी था , भूतदया से प्रेरीत था ! देवीदेवताओं का महान देश ,ऋषीमुनियों का देश , महात्मा महापुरूषों का देश , आचार्य साधुसंतो का देश... मेरा भारत देश महान था ! सचमुच में महान था ! आरक्षण की बौसाखियों से मुक्त था , गरीबी से मुक्त था.... क्रूर आक्रमणकारीयों , अत्यारीयों से पहला देश , क्रूर मुगलों से पहला देश , अत्याचारी अंग्रेजों से पहला देश , और आजादी के बाद के हमारे ही काले , क्रूर , अत्याचारी , भ्रष्टाचारी , सत्तालोलूप , काले अंग्रेजों से पहला देश.. ?? सुखी , संपन्न , समाधानी , आनंदी , वैभवशाली था... फिर ऐसा क्या हो गया की...मेरा देश आज इतना ? हीन दीन लाचार कैसे हो गया ? मेरा देश इतना स्वाभीमान शून्य कैसे हो गया ? सोने की चिडिया वाला मेरा भारत देश इतना गरीब क्यों और कैसे हो गया ? सिध्दांतों के लिये मर मिटने वाला समाज , स...