Posts

सिध्दीयाॅं

 सिध्दियाॅं कैसे काम करती है ? विनासायास धन की प्राप्ती हो जाना , लोकप्रियता बढती जाना , सभी कार्यों में गती आना , जनमानस में उच्च कोटी की लोकप्रियता बढते रहना , असंभव कार्य भी संभव में बदल जाना , शत्रूओं का विनासायास उच्चाटन हो जाना जैसे अनेक कार्य बढते रहते है... सद्गुरू आण्णा की जय  🙏🙏🕉️🚩 विनोदकुमार महाजन

हिंदू

 हिंदू धर्म को , हिंदू देवीदेवताओं को , हिंदू साधुसंतों को , हिंदू महापुरूषों को , हिंदू संस्कृती को बदनाम करनेवालों के विरूद्ध कठोर कानून बनाकर तुरंत कारवाई करना अत्यावश्यक है... जय श्रीकृष्ण  विनोदकुमार महाजन

भगवान

 स्वकीय और समाज ने भी एक छोटासा बच्चा गहरी खाई में मरने के लिये फेंक दिया मगर ? उसे बचाने वाला भी स्वयं भगवान होगा तो ? उसे कौन मार सकेगा ? भक्त प्रल्हाद और हिरण्यकश्यपू  ?? विनोदकुमार महाजन

साप

 देश को और देशप्रेमीयों को डसने वाले जहरीले साॅंपों का तुरंत बंदोबस्त कौन और कैसे करेगा ? विनोदकुमार महाजन

श्रीकृष्णार्पणमस्तू

 आले देवाजिच्या मना , तेथे कोणाचे चालेना... एका झटक्यात होत्याचे नव्हते आणि नव्हत्याचे होते करण्याची क्षमता भगवंताची आहे.तिथे भूलभुलैया निर्माण करणारा व खोटी वचने देणारा य: कश्चित मानव प्राण्याची काय अवस्था ? श्रीकृष्णार्पणमस्तु...🙏🕉️🚩🌹 विनोदकुमार महाजन

गजब

 गजब का देश है यह यारों... प्रधानमंत्री को गाली बकने पर भी उसे तुरंत कठोर दंडीत नहीं किया जाता है ⁉️❓ लोकतंत्र के नाम से नंगानाच ? या विकास कामों में जानबुझकर बाधाएं उत्पन्न करना ⁉️ कठोर कानून बनाकर राष्ट्र द्रोहीयों पर कडी सजा का तुरंत प्रावधान बनाना होगा ! संसद में भी संस्कृती संपन्न आचरण के लिये भी कठोर कानून की तुरंत और सख्त जरूरत है... जय श्रीराम...🙏🙏🙏🕉️🕉️🚩 विनोदकुमार महाजन

अदृश्य जगत

 अदृश्य जगत खरंच आहे का ? हो...आपला श्वास अदृश्य , आत्मा अदृश्य तसे ब्रम्ह ही अदृश्य आहे.पिशाच योनी अर्थात भुतेखेते ही अदृश्यच असतात.पण त्यांचे अस्तित्व , अतृप्त आत्मा म्हणून केले जाते. ईश्वराने या दृश्य अदृश्य जगताचा सुंदर ताळमेळ घातला आहे. यावरच हे सृष्टी चक्र चालते. विनोदकुमार महाजन