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हिंदुनों विचार करा

 *खुरटलेली झाडं* ✍️२७८३  *विनोदकुमार महाजन*  🪾🪾🪾🪾🪾 होय मित्रांनो ,  *खुरटलेली झाडं.*  हल्ली काय झालंय माझ्या हिंदू बांधवांना ? कांहीच कळत नाही. अनेक जागृत हिंदू बांधवांना ही कळत नाही की , अगदीच खुरटलेल्या झाडासारखीच वागतात आपली माणसं . तेजोहीन , सत्वहीन , संकुचित विचारांचे , कोत्या मनाचे , कोत्या वृत्तीचे , स्वाभीमान शून्य , लाचार , हीन , दीन , हताश , उदास , मजबूर , असहाय , गलितगात्र असा बव्हंशी का झालाय बरं *माझा बांधव ?*  मान्य आहे की , आमचा बांधव , रोजी रोटीतच एवढा अडकला आहे की , त्याला धर्म , संस्कृती याबद्दल अधिक विचार करायला ही वेळ नाही. सकाळी कामावर जाणार.संध्याकाळी दमुन भागुन येणार आणी चार घास घाऊन झोपणार. आमच्याकडे मनुष्य बळ आहे पण धन बळ नाही. दुसरा एखादा श्रीमंत हिंदू देशही नाही की जो आमच्या बांधवांना सहकार्य करेल. बरं , घरोघरी जाऊन समाज जागृती करण्यासाठी कार्यकर्त्यांची फौज निर्माण करावी तर त्याला ही मर्यादा. कारण कार्यकर्त्यांची रोजी रोटी कुणी चालवायची ? हा ही महत्वपूर्ण प्रश्न आहेच. एके काळी घरोघरी जीथं सोन्याचा धूर निघायचा तो समाज आज दारी...

स्वधर्मे

 *स्वधर्मे निधनं श्रेय:* ✍️ २७८२  *विनोदकुमार महाजन* 🌞🌞🌞🌞  भगवान *श्रीकृष्ण* कहते है  " *स्वधर्मे निधनं श्रेय:*   *परधर्मो भयावह: "*  मतलब ? स्वधर्म अर्थात खुद का धर्म अर्थात ? वैदिक सनातन हिंदू धर्म  में जन्मे हुए हर व्यक्ती को अपना धर्म जानसे भी प्यारा होता है ! वही सत्य धर्म और आदर्श जीवन पद्धती का वरदान होता है ! इसिलिए इसी धर्म में आनंद से जीवन जीना ही असली जीवन होता है !  *सनातन धर्म मतलब ?*  उच्च कोटी की आदर्श जीवन प्रणाली, जीसमें  " *वसुधैव कुटुंबकम् "*  की आदर्श जीवन पद्धती स्विकार की जाती है ! जो संपूर्ण मानवता , भूतदया सिखाती है ! और जो आदर्श संस्कृती द्वारा ईश्वराधिष्ठित जीवन यापन भी सिखाती है ! इसिलिए हिंदू धर्म ना कभी तलवार के धार पर बढाने की जरूरत है ना ही धन बाॅंटकर ! यह तो एक अटूट ईश्वरी सिद्धांत है ! इसिलिए इसी धर्म के लिये और उसकी रक्षा के लिये मर मिटना भी  यथोचित माना जाता है ! " *स्वधर्मे निधनं श्रेय "*  तो दूसरी ओर भगवान कहते है ?  *परधर्मो भयावह:*  यह मुद्दा भी महत्वपूर्ण जीवन प्रण...

रक्त पिपासू

 उपद्रवी व रक्त पिपासू ढेकणं , झुरळं , डास लगेच एकाचे हजारो होतात.त्याला लगेच फवारा मारावा लागतो.समजलं का कांही ??? विनोदकुमार महाजन

सावधान

 *खतरे की घंटी बज चुकी* *है...* ✍️ २७८१ 🫣🫣🫣🫣🫣 जी हाँ साथीयों  साजीश गहरी है चाल भयंकर है  *सावधान हो जाईये !* खतरे की घंटी बज चुकी है ! टुलकीट गैंग देश में भयंकर अराजक फैलाने के लिये सक्रीय हो गई है !  *संकट गहरा है !* संपूर्ण तबाही का नया प्लाॅन तैय्यार होकर ,  *मार्केट में खुले आम*  घूम रहा है ! विषय है   *सवर्ण विरूद्ध गैरसवर्ण* मोदिजी योगीजी ने संकट की गहराई पूर्ण रूप से भाॅंप ली है ! इसिलिए वो मौन हो गये है ? दोनों में से एक पक्ष लेंगे तो ? भयंकर बदनामी और अगले विधानसभा और लोकसभा के सभी चुनावों पर गहरा असर ??? २४ में क्या हुवा था ?  *संविधान खतरे में का* झूटा प्रपोगंडा फैलावर , समाज मन को संपूर्ण रूप से संभ्रमित और प्रभावित करके , मतदान प्रक्रिया पर , गहरा असर पडा था ! परिणाम क्या हुवा था ? चारसो पार तो दूर ? स्पष्ट बहुमत तक जाने में भी अनेक बाधाएं उत्पन्न हो गई ! अब मुद्दा सवर्ण और गैर सवर्ण का बनाया जा रहा है ! जो अगले उत्तर प्रदेश विधानसभा और पश्चिम बंगाल विधानसभा पर और भविष्यकालीन लोकसभा चुनावों पर गहरा असर करेगा !  *इसिलिए...

हम तुमसे प्रेम करते रहे

 *हम? तुमसे प्रेम करते* *रहे..? तुम ?* *नफरत का बीज बोते* *रहे...* 👆❓ ✍️ २७८०  *विनोदकुमार महाजन*  ⁉️❓⁉️❓ जी हाँ साथीयों हम *उनपर* हमेशा  सच्चा प्रेम करते रहे और वो ? *हमपर हमेशा* नफरत का बीज बोते रहे ?  *सदीयों से !* सदीयों से हम असली भाईचारा निभाते रहे ! और वो ? सदीयों से भाईचारे की आड में हमारा घात करते रहे !  *कौन ?*  *सोचो समझो जानो* *जागो असलियत* *पहचानो !* भाईचारे में हम हमारा ही अस्तित्व खोते रहे ! सदीयों से वो हमें भाईचारे के आड में भगाते रहे !  *अभी भी नहीं समझे ?*  *अभी भी अनाडी ही* *हो ?* हर जगहों से हमारे मठ मंदिर गिराए गए ! ? हमारे आदर्श संस्कृती के नामोनिशाण मिटाते गए ! ? जगह जगह पर हमारे आदर्शों को जमीनदोस्त करते गए ???  *और फिर भी हम* *भाईचारा निभाते रहे !*🤫  *आज तक अभी तक*  यही सिलसिला लगातार चलता आ रहा है !  *फिर भी हम आज भी ?* भाई समझकर प्रेम करते रहे ! तुम्हारे आदर्शों की लगातार पूजा करते रहे ! और तुम ? हमारे आदर्श श्रद्वास्थानों पर *मौका* *मिलते ही* हमले करते रहे ! ? तुम *कावेबाज ,* *धोकेबाज , षड्यं...

गोमाता

 गौमाता की जो रक्षा करेगा , वही देश पर राज करेगा... गौमाता का हत्यारा ?, गौ श्राप से ही , समाप्त होगा !! विनोदकुमार महाजन

आत्मविश्वास

 *जीवन में परिस्थितियाँ कैसी*  *भी हों,*  *उत्साह और आत्मविश्वास को*  *कभी कम नहीं होने दें,!,,,*                 🩷 *विनोदकुमार महाजन 🌹*