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भ्रम और प्रेम

 *भ्रम और प्रेम*  ✍️ २७९०  *विनोदकुमार* *महाजन* 🩷🩷🩷🌹 वैसे  हम सभी भी किसी न किसी पर तो प्रेम करते ही है ! आजीवन ! निरंतर ! सच्चा प्रेम ! कोई माॅं से तो कोई पिता से , कोई ईश्वर से तो कोई सद्गुरू से ! प्रेम बिना जीवन ही अधूरा है ! मैं भी सभी से प्रेम करता हूं ! शुद्ध पवित्र निरपेक्ष निष्पाप प्रेम ! सद्गुरू पर , ईश्वर पर , ईश्वर की धरती पर , मित्रों पर , पशुपक्षीयों पर , वृक्ष बेली पर...! वैसे तो प्रेम किसीके जीवन का महत्वपूर्ण मुद्दा होता है ! कोई व्यक्ती दूर चली जाती है तो उसके बिना जीवन ही व्यर्थ , निरर्थक लगने लगता है ! मेरे साथ भी अनेक बार ऐसा ही हुवा ! बचपन में मेरी माँ गुजर गई तो मैंने उसकी याद में  खाना पिना ही छोड दिया ! मगर मेरी माँ ने मुझे उसकी मृत्यू के बाद भी सदेह दर्शन देकर मुझे मेरे सरपर हाथ रखकर शांत किया था ! और मुझे मेरे दादाजी मेरे आण्णा के पास सौंप दिया था ! मेरे आण्णा के दिव्य और स्वर्गीय प्रेम से मेरा संपूर्ण जीवन ही तृप्त हो गया था ! मगर मेरे आण्णा का भी जब देहावसान हुवा तो मैं अनेक सालोंतक दिनरात उनकी याद में सुदबूध खोकर रोता रहता था ! न...

पात्र

 तुम्हे जो चाहिए वह सबकुछ देने की शक्ती ईश्वर में होती है ! मगर तुम्हारा पात्र भी उसी योग्यता का होना जरूरी होता है ! विनोदकुमार महाजन

साधू और गोमाता

 साधू और गौमाता का शाप ??  ✍️ २७८९  विनोदकुमार महाजन 🔱🔱🔱🔱 जी हाँ  दोनों का शाप महाभयंकर होता है ! साधू और गौमाता का शाप ! धरती भी दोलायमान होगी ऐसे शाप से ! एक महासिध्दयोगी  करपात्री जी महाराज ? गौहत्या बंदी आंदोलन तेज करने के लिये निकले ? और ?? महाभयंकर पाप हुवा ! अनेक गौमाताओं को और साधुओं को गोलियों से भूना गया ! और ? जब करपात्री महाराज ने शाप दिया तो क्या हुवा ? गौमाता और साधुओं की हत्या करने ? वाला ? गोलीयों से छलनी होकर ? अकाल मृत्यू मर गया ! उसकी अगली पिढी की भी यही दुर्दशा हो गई ! यही शक्ती होती है शाप में ! आज ? अनेक जगहों पर भगवे को , भगवा पहनने वाले साधुसंतों को , गौमाताओं को भयंकर बुरे तरीकों से तडपाया जा रहा है ! संपूर्ण विश्व में संस्कृती संवर्धन करनेवाले साधु संतों को जेल भेजनी की कोशिश हो रही है , अनेक झूटे आरोप लगाकर उन्हे बदनाम , बरबाद किया जा रहा है ! मगर ? थोडे दिनों में यह सबकुछ बदलेगा ! अदृश्य रूप से स्वयं ईश्वर प्रतिशोध लेगा ! अपने भक्तों के और गौमाताओं के अश्रू स्वयं ईश्वर ही पोंछता है ! और प्रतिशोध भी लेता है ! साधू संत सज्जन और गौमा...

युगपुरुष

 _ठंडे दिमाग का_   _आध्यात्मिक_ _युगपुरुष ???_  ठंडे दिमाग का और क्रूर मगर आध्यात्मिक सनातनी विश्व पर राज करेगा , अधर्म का नाश करके धर्म की पुनर्स्थापना करेगा !  जिसे महादेव का और अनेक देवीदेवताओं का वरदान प्राप्त होगा ! यह समय भी नजदिक है ? ( फ्रेंच भविष्य वेत्ता : - नोस्त्रैदमस )  " युनिव्हर्स " भी अपनी शुध्दी प्रक्रिया बहुत तेज और जल्दी से करेगा ! युगपरिवर्तन की घडी !!  _विनोदकुमार_ _महाजन_

बदलेगा

 चारों ओर अती भयावह हो रहा है ! इंन्सान इंन्सान रहा ही नहीं है , हैवान बन गया है ! सबकुछ ? बदलेगा अब !! विनोदकुमार महाजन

अती तीथे माती

 विद्वान, गुणवंत आणी चांगल्या माणसांच जगणंच जणू या देशात मुश्किल झाले आहे.चौफेर कोंडी अन् मुस्कटदाबी. बदलतील हेही दिवस बदलतील. अती तिथं माती. विनोदकुमार महाजन

दुसऱ्या चे दु:ख

 दुस-याला खाऊ पिऊ घालण्यात , दुस-यांच्या दु:खात आनंद देण्यात , इतरांचे अश्रू पुसण्यात , दुस-यांना आनंद देण्यात , इतरांच्या संकटात धावून जाण्यात ज्यांना परमोच्च आनंद वाटतो तो दिव्य पुरूष असतो व त्याचेजवळ अखंड देवीदेवता वास करतात. म्हणूनच सत्पुरुषांच्या व संत महात्म्यांच्या संगतीत आपल्याला नेहमीच परमानंद वाटतो. गजानन महाराज की जय. विनोदकुमार महाजन