प्रेम
एक लडकी से मैं प्रेम करता था , वो भी मुझसे प्रेम करती थी ! हम शादी भी करना चाहते थे ! मगर वो दूसरों की हो गई !
मैं उसकी याद में जीवन भर रोता रहता हूं ! शायद हर एक के साथ अक्सर ऐसा ही होता रहता है ! नियती बडी क्रूर होती है !
विनोदकुमार महाजन
एक लडकी से मैं प्रेम करता था , वो भी मुझसे प्रेम करती थी ! हम शादी भी करना चाहते थे ! मगर वो दूसरों की हो गई !
मैं उसकी याद में जीवन भर रोता रहता हूं ! शायद हर एक के साथ अक्सर ऐसा ही होता रहता है ! नियती बडी क्रूर होती है !
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