प्रेम Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps December 23, 2025 मैं जब किसीपर प्रेम करता हूं अथवा किसी की सेवा करता हूं तो निरपेक्ष और शुध्द भाव से करता हूं , जो प्रेम ईश्वर के ह्रदय तक पहुंचता है !विनोदकुमार महाजन Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
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