प्लांटेड
*प्लॅंटेड मुख्यमंत्री ??*
✍️ २८६३
*विनोदकुमार महाजन*
❓❓❓❓
देखते ही देखते वह ?
फिल्म इंडस्ट्री में आया..
बहुत नाम कमाया , पैसा भी खूब कमाया...
देखते देखते अनेक उंचाईयों तक भी पहुंच गया !?
एक रणनीती के तहत अनेक फैन क्लब भी बनाये !
गुप्त रूप से जबरदस्त अंदरूनी जाल बिछाकर सामाजिक कार्य बढाकर , समाज में एक उच्च स्थान भी बनाया ?
और देखते ही देखते एक दिन ? प्रदेश का मुख्यमंत्री भी बन गया ?
कमाल है ना ?
सबकुछ आश्चर्यकारक ?
ऐसे कैसे हो गया ?
या अंदरूनी कुछ जबरदस्त खेला ही हो गया ?
एक जबरदस्त प्लान बनाकर , एक शक्तिशाली रणनीती बनाकर ? एक सुनियोजित तरीकों से ?
अनेक साल पूरी मेहनत करके , एक योजना बनाकर , एजेंडा गुप्त रखकर , समाज को भी संभ्रमित करके ?
एक यशस्वी बाण चलाया ? जो तीर अचूक निशाणे पर लग गया ?
सबकुछ प्लाॅंटेड था ?
ठंडे दिमाग की अचूक रणनीती थी यह सब ?
तो यह योजना बनाने के लिये ? उसे यशस्वी बनाने के लिये ? इतना जबरदस्त पैसा कहां से आया आखिर ? और किसने पैसा बहाया ?
देखते ही देखते सबकुछ असंभव लगनेवाला ? संभव बना डाला...??
अरे ,
यह अंतरराष्ट्रीय फिल्म बनाने की, योजना भी तो हम अनेक सालों से बना रहे है !
एक यशस्वी अंतरराष्ट्रीय बीग बजेट फिल्म बनाने की ! उसके द्वारा एक शक्तिशाली नेटवर्क बनाकर एक यशस्वी रणनीती बनाकर कार्य आगे बढाने की ?
मगर हमें ?
फंडिंग भी करेगा कौन ?
वह भी पाचसौ करोड का ?
जी जान से प्रयास करने पर भी हाथ में कुछ भी नहीं लगा ?
और वो...?
धडाम धड...धडाम धड... एक के बाद एक फिल्म बनाता रहा !?
नाम और पैसा कमाता रहा !?
आखिर उसको इतनी फंडिंग भी किसने की ? और क्यों की ??
एक अनुत्तरित प्रश्न ??
उसने देखते ही देखते एक राजकीय पार्टी भी बनायी !
सबकुछ बिल्कुल गुप्त एजेंडा ?
और ?
चुनाव प्रचार दरम्यान ?
स्थानिक लोगों को जबरदस्त वादे भी किए ? अनेक योजनाओं द्वारा लाभ पहुंचाने के वादे ?
अनेक मंदिरों में जाकर दर्शन भी किए ?
सबकुछ भूलभुलैया का प्रकार ?
अब ये वादे कितने यशस्वी होंगे यह भी तो समय ही बतायेगा ?महत्वपूर्ण प्रश्न है यह ?
क्योंकी सरकारी तिजोरी पूर्ण रूप से खाली है !
उल्टा ? भयंकर कर्जा भी है !
तो वादे कैसे निभाएंगे ?
शायद कोई बहाना बनाकर जनता को फिर मुर्ख बनाया जायेगा !?
घुंगरू शेठ , खुजलीवाल की तरह ?
मगर जब पूरी सच्चाई जनता जान जायेगी ?
यह एक योजना बद्ध तरीकों से ? संपूर्ण स्थानिक निवासी ?
लोगों को ? मुर्ख बनाकर फॅंसाया गया है ...?
तब ?
फिरसे वही स्थिती होगी ?
घुंगरू शेठ की तरह ?
दिल्ली वाले खुजली वाल बाबा की तरह ??
देखते है...आगे आगे होता है क्या...?
अब समय का इंतजार रहेगा ?
समझ गये ना सबकुछ ?
बाकी आप सभी समझदार ही तो है ही !
समझने वालों को इशारा काफी है...!
शायद ?
ईश्वर भक्तों को फॅंसाने का एक शक्तिशाली शिफ्टेड प्लैन...था यह ??
*जय जय श्रीराम*
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