कृष्ण उवाच

 श्रीकृष्ण कहते है ...

जो मेरे सत्य को , मेरे सत्य सनातन धर्म को और मेरे पवित्र प्रेम को ललकारता है , नेस्तनाबूत करने की कोशिश करता है, चाहे वह मेरा अपना हो या पराया हो , उसे मैं ? सदा के लिये नामशेष कर देता हूं !

तभी सत्य , धर्म और प्रेम जीवीत रहता है !

विनोदकुमार महाजन

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