देश की गंभीर स्थिती

 https://youtube.com/watch?v=nEtbd-2-_1c&feature=share


भयावह परिस्थिती👆 है हिंदुस्थान की।


यती नरसिंहानंद सरस्वती जी का यह हिंदुओं को जागरूक करनेवाला विडिओ देखा।और मन सून्न हो गया।

ह्रदय काँप उठा।


और कुछ प्रश्न मन में उठे।


( यती नरसिंहानंद जी के गांधीजी के बारें में उपस्थित किए गये प्रश्नों पर, मैं इतना ही कहुंगा की,गांधी जी के बारे में,

संपूर्ण देश के सामने सत्य आने के लिए,

केंद्र सरकार द्वारा एक जाँच आयोग का गठन करके,

गांधीजी के विवादास्पद भुमिकाओं की निष्पक्ष जाँच होना अत्यावश्यक है।)


अपेक्षा है सभी भारतीय तथा संपूर्ण हिंदू समाज इस भयंकर परिस्थिती का गंभीरता से चिंतन, मनन करें और हल निकाले।


समय बहुत कम बचा है।सर से उपर पाणी बह चुका है।


विनाश सामने दिखाई दे रहा है।


अब केवल और केवल केंद्र सरकार ही इसी भयंकर समस्या का,सख्त कानूनी उपायों द्वारा, तुरंत हल निकाल सकती है...

अगर यह यती नरसिंहानंद सरस्वती जी का विडिओ...

सत्य है तो....?


अब इसी विषय में केंद्र सरकार को मेरे कुछ सवाल।


१ ) उपरी  राष्ट्रविघातक योजना को तहस नहस करने के लिए, केंद्र सरकार के पास,अभी...

" सुपर पाँवरफूल योजना " क्या है ?

( शासकीय गोपनीयता की वजह से योजना गुप्त रखी जा सकती है।फिर भी बहुसंख्यक हिंदू समाज को इसी विषय पर आश्वस्त करना अत्यावश्यक है। )


२ ) केंद्र सरकार का अगला लोकसभा चुनाव २०२४ में होना तय है,मतलब समय बहुत कम बचा है...

इसी कम समय में,

रोहिंग्या, बांग्लादेशी, पाकिस्तानी घुसपैठीयों को तुरंत बाहर निकालने की तगडी रणनीती क्या है ?

क्योंकी... कब तक हम ,हमारे टैक्स के पैसों से घुसपैठीयों को पालते - पोसते रहेंगे ?


३ ) मोदी सरकार से हिंदुओं की अपेक्षा भी बढ गई है।आजतक भयंकर, भयानक अत्याचार से त्रस्त हिंदू समाज को अब मोदी सरकार द्वारा तुरंत न्याय की अपेक्षा है।

अपेक्षा पूर्ती तो होती हुई दिखाई दे रही है।

मगर अनेक निरूत्तरीत प्रश्न भी उपस्थित हो रहे है।

इसका संपूर्ण समाधान क्षकब मिलेगा ?

हिंदुराष्ट्र निर्माण की अपेक्षा कब पूरी होगी ?


४ ) मंदिरों का दान का पैसा केवल और केवल गरीब हिंदुओं के आर्थिक विकास के लिए ही उपयोग में लाना होगा,इसके लिए केंद्र सरकार के पास कौनसी तगडी रणनीती तैयार है...जिसका अमल तुरंत होगा ?

मंदिरों का पैसा पाकिस्तान प्रेमीयों के हाथ में...

विकास के नाम पर जाता है तो इसपर संशोधन होना जरूरी है।


५ ) हिंदुओं के खिलाफ बनाए गये अत्याचारी कानून कब हटेंगे ?


६ ) राष्ट्रद्रोहीयों के सभी संगठनों को तुरंत बैन करके,इनपर  तुरंत पाबंदी लगाकर सभी संगठनों की सारी संपत्ती शासकीय संपत्ती कब घोषित होगी ?


७ ) हिंदुओं से जादा कानूनी अधिकार दूसरे धर्मीयों को दिये है...जो सरासर गलत भी है,अन्यायकारक भी है और समाज में भेदभाव बढाने वाले भी है...यह सभी कानून कब बंद होंगे ?


८ ) अनेक राज्यों में हिंदू समाज अल्पसंख्याक बनता जा रहा है।वहाँ पर हिंदू समाज को फिरसे बसाने के लिए तथा हिंदू बहुल क्षेत्र बनाने के लिए केंद्र सरकार के पास कौनसी तगडी रणनीती तैयार है ?


९ ) देशद्रोही शक्तियों को सदा के लिए नेस्तनाबूत करने की कौनसी निती सरकार के पास है ?


१० ) देश का अराजक तुरंत समाप्त करने के लिए सरकार के पास कौनसी रणनीती तैयार है ?


११ ) सरकार तुरंत एक्शन मोड में आकर कार्य की गती क्यों नही बढा रही है ? सख्त कानून बनाने में और कठोर निर्णय लेने में सरकार दिरंगाई क्यों कर रही है ?

( राज्यसभा में बहुमत भी अब बन रहा है। )


१२ ) " हिंदू हितों की सरकार " ऐसा विश्वास हिंदुओं के मन में जाग रहा है, इसकी आपुर्ती कब होगी ?


१३ ) और भी अनेक निरूत्तरीत प्रश्न देश के सामने है...ऐसे प्रश्नों का त्वरित निपटारा कब होगा ?


१४ ) बढती भयंकर गुन्हेगारी पर अंकुश कब लगेगा ?भयंकर बढती आबादी की वजह से अनेक समस्या खडी हो रही है ?

जनसंख्या नियंत्रण कानून अब आयेगा ?


१५ ) सभी राष्ट्रद्रोही संगठनों पर तुरंत बैन कब लगाया जायेगा ?


१६ ) फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित करके हिंदुओं को तुरंत न्याय कब मिलेगा ?

हिंदुओं का सत्याचरण होकर भी जानबुझकर न्याय नही दिया जाता है तो...( ऐसे अनेक केसेस सामने आ रहे है । ) तो...

" महाभियोग "  का पर्याय क्यों नही चलाया जा रहा है ?


१७) २०२४  लोकसभा चुनाव के लिए बहुत कम समय है,इसमें राष्ट्रद्रोही शक्तियों के  बिमोड की क्या योजना है ?


१८) केरल,पश्चिम बंगाल जैसे प्रदेशों में हिंदुओं के साथ नित्यदिन भयंकर  अत्याचार हो रहे है,इसके लिए सरकार के पास

" क्विक एक्शन प्लान " 

क्या है ?


१९) देवीदेवताओं की,धर्म की,संस्कृती की बदनामी रोकने का और गुनहगारों को कठोर दंडीत करने के लिए कौनसा उपाय है ?


२०) गौमाताओं का आक्रोश तुरंत रोकने के लिए क्या योजना है ?


२१) समय बहुत कम है,जिसमें संपूर्ण अत्याचार निर्मुलन की क्या निती है ?


ईश्वर ने, 

धर्म बचाने के लिए एक जबरदस्त और शक्तिशाली मौका बिजेपी और मोदिजी के रूप में हिंदुओं के हाथ में दिया है।कम समय में जबरदस्त निर्णयक्षमता दिखाकर निर्णय लेने होंगे।तभी देश, धर्म, संस्कृती बचेगी।


"अभी नही तो कभी भी नही।"


सख्त और कठोर निर्णय लेने के सिवाय पर्याय बचा नही है।


अन्यथा संपूर्ण सर्वनाश अटल है।

अथएव... सावधान !!!


मोदिजी का हर निर्णय 

" प्लान के साथ " होता है और परखकर होता है,इसमें कोई संदेह नही है।फूंकफूंकर हर निर्णय लिया जाता है।इसिलिए उनके निर्णय क्षमता पर संदेह नही है।


फिरभी...


कहीं ऐसा ना हो की,

मोदिजी के सारे के सारे प्लान धाराशाई हो और....

सैतानी ताकतें जीत जाए...

इसिलिए..


" गजवा - ए - हिंद "

रोकने के लिए

मोदिजी के पास कौनसा सुपर पाँवरफूल मास्टर स्ट्रोक है ?


हे भगवान,

हे ईश्वर,

हे शंभू महादेव,

हे श्रीराम,

हे श्रीकृष्णा,

भयंकर धर्म संकट सामने खडा है।

अब तेरा ही आधार।

मेरे धर्म, संस्कृती पर भयंकर संकट मंडरा रहे है,और मेरा ही समाज बहुसंख्या में निद्रीस्त है।


अब तु ही बचाना ईश्वर।

इंन्सानों के हाथ में " शायद " अब कुछ  रहा न रहा हो।

अब तेरा ही सहारा।

चमत्कार दिखाना मेरे प्रभू।

शक्ती दिखाना।

तूने ही बनाया हुवा,

" अनादी - अनंत सनातन धर्म "

घोर संकटों से घिरा हुवा है।

मानवता संकट में है।


मेरा खुद का जीवन भी ,

अती भयावह स्थिती से घिर गया था।घोर मुसिबतों में फँसा हुवा था।चारों ओर आग के गोले थे।मगर मेरी तेरे उपर नितांत श्रध्दा ने मुझे ऐसी अतीभयावहता से बाहर निकाला है, 

तुने मुझे मेरे प्रभू।


अब मेरा सनातन धर्म भी ठीक इसी प्रकार से भयावह स्थिती से

गुजर रहा है। 

मेरे ईश्वर, तु निश्चित रूप से मेरे धर्म को बचायेगा भी।

आसुरों का संपूर्ण पृथ्वी से सर्वनाश भी करेगा।

और " धर्म की पुनर्स्थापना " भी करेगा।


तेरे प्रती मेरा अटूट विश्वास कभी खाली नही जायेगा।


अनेक महापुरुषों को ,अधर्मियों ने तडपा तडपा कर मौत के घाट उतारा है।

आज भी अनेक सज्जन तडप रहे है।

सज्जन शक्ति की रक्षा करना प्रभु।

गौमाताएं ,आक्रंदन कर रही है।हरदिन तडप तडप कर मर रही है।निष्पाप गौमाताओं के खून की नदीयाँ बह रही है।गोपाल गोपाल करके पुण्यात्मा गौमाताएं तुझे पूकार रही है।


धर्म, देश,विश्व की इतनी भयंकर दुर्दशा, पाप का भयावह आतंक,धर्म ग्लानि देखकर आत्मा तडप उठती है।

ऐसा भयंकर देखने से तो अच्छी तो मृत्यु लगती है।


आत्मोध्दार तो हो गया।

विश्वोध्दार की,

संपूर्ण धरती पर ईश्वरी राज्य की अभिलाषा है।


हे कृष्णा,

गीता का वचन निभाने का समय आया है ईश्वर।

अब दौडके चले आना।

देर ना करना।


मेरा विश्वास कभी खाली नही जायेगा।


ईश्वरी सिध्दांतों को आसुरों ने ग्रहण लगाया  है। 


हे ईश्वर,

तु जरूर धर्म बचायेगा यह विश्वास है।


आखिर तूने ही सत्य बनाया है,

तूने ही सत्य सनातन भी बनाया है,इसकी रक्षा के लिए तू....

जरूर आयेगा।

जरूर आयेगा।


हरी ओम्


विनोदकुमार महाजन

( लेखांक : - २०२२ )

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