क्रूर अत्याचारीयों ने और विदेशी आक्रमणकारियों ने हमारे वीर योध्दांओं का , महापुरूषों का इतिहास इसिलिए सामने नहीं आने दिया ता की ? हमारा शौर्य और पराक्रम जागृत ना हो सके...!!
कालभैरवनाथ कृपा जिसको, कालभैरव नाथ प्रसन्न हुवा, उसका काल भी क्या बिगाडेगा ? काल,प्रारब्ध भोग,नशीब मुझे भी भयंकर पिडा तथा नरकयातनाएं दे रहे था। मगर मेरे सोनारी निवासी कालभैरवनाथ की मुझपर कृपा हुई और मेरा नशीब, प्रारब्ध ही बदल गया। प्रत्यक्ष काल भी मुझसे हार गया। हरी ऊँ ऊँ कालभैरवाय नम : विनोदकुमार महाजन
आपने, VSHYM ज्वाईन किया क्या...? नही तो अभी ज्वाईन किजिए यह VSHYM आखिर क्या है ....! ! ! यह एक अत्यंत जागृत संपूर्ण हिंदुओं के लिए वैश्विक संगठन है,जो भारत सरकार द्वारा रजिस्टर है। इससे क्यों जुडे ? आपका आध्यात्मिक, आर्थिक विकास साध्य करने के लिए, अपनी अनेक वैयक्तिक, सामुहिक, सामाजिक समस्याओं का हल प्राप्त करने के लिए, हमारे आध्यात्मिक, राष्ट्रीय, वैश्विक संगठन से आजीवन, आत्मा से जुडऩे के लिए मैं आप सभी को नम्र आवाहन करता हुं। इसकी संपूर्ण तथा विस्तृत जानकारी अगले लेख में,तथा विश्व शांती मासिक पत्रिका में दी जायेगी। भारतीय डाकद्वारा मासिक पत्रिका प्राप्त करने हेतु तथा १)वार्षिक २)आजीवन सदस्यता ( मासिक पत्रिका तथा संगठन ) प्राप्त करने हेतु संपर्क किजिए। विनोदकुमार महाजन, राष्ट्रीय महासचिव, विदेश प्रभारी, VSHYM एवं प्रधान संपादक, विश्व शांति मासिक पत्रिका केवल व्हाट्सएप पर ही अपनी विस्तृत जानकारी देना अनिवार्य रहेगा। हर एक का फोन उठाना असंभव होने के कारण मोबाईल नही उठाया जायेगा। व्हाट्सएप नंबर +91 8329894106 हिंदुस्तान
आप सभी को सबूत चाहिए ना ? ये रहा सबूत। संपूर्ण विश्व में हिंदु राज्य ही था। भारतीय सनातन संस्कृति संपूर्ण विश्व में फैली हुई थी। अनेक आक्रमणकारियों ने हमारे विश्व व्यापक संस्कृति पर अनेक आक्रमण किए। मगर खुद ईश्वर निर्मीत आदर्शों को कौन मिटायेगा ? इसिलए विश्व विजेता हिंदु धर्म था, है, और रहेगा। फिर भी आवो चले हम सभी मिलकर ऐसी महान संस्कृति का संपूर्ण विश्व में पुनर्जीवित करते है। विश्व स्वधर्म संस्थान द्वारा एक नये युग की ओर बढते है। विश्व स्वधर्म सुर्य देखे की ओर तेजीसे बढते है। नामुमकिन को भी मुमकिन में बदल देते है। पृथ्वी पर लगा पाप का कलंक मिटाते है। और हमारी विश्व व्यापक महान संस्कृति को, फिर से विश्व के कोने कोने में पहुंचाते है। भगवान के भगवे की शान दुनिया में बढाते है। हरी ओम् विनोदकुमार महाजन
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