साप और अमृत ?

 साॅंपों के मुंह से अमृत ? कभी भी नहीं निकलेगा... लगातार जहर ही निकलेगा...!

दुष्टों से अच्छाई की अपेक्षा ? कभी भी पूरी नहीं होगी... बल्की...हर दिन धोका , कपट, घात ही करेगा...आपको क्या लगता है ??

विनोदकुमार महाजन 

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