मैफिल
अमीरों की मैफिल में ?
गरीबों का क्या काम ?
फटे हुए कपडों से उसका नाम है बदनाम
परायों की मैफिल में ?
अपना है कौन ??
दुखी मन को प्यार से
आधार देने वाले माॅं के
दो शब्दों के बिना वहाॅं मिलेगा तीखे शब्दों के जहरीले बाणों का उपहार और ? उपहास !! जीना इसीका नाम है , फिर भी हॅंस हॅंस के जीना ही पडता है ! ह्रदय के घावों को छुपाना पडता है...!!!
विनोदकुमार महाजन
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