बूमरैंग
सच्चे और अच्छे व्यक्तियों को सहायता करो अथवा ना करो मगर कम से कम उसे पीडा तकलीफ तो मत दो ! अच्छे व्यक्तियों की एक कराह अथवा एक बद दूवा भी जीवन बरबाद कर सकती है !! उपर से नियती और ईश्वर भी क्षमा नहीं करते है !
इसिलिए संत सज्जनों का आशिर्वाद लो अथवा ना लो , उसका शाप कभी भी मत लो...अन्यथा ? बूमरैंग होकर संपूर्ण जीवन तबाह हो सकता है !!!
विनोदकुमार महाजन
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