ह्रदय

 ईश्वर के ह्रदय में जिसका स्थान निरंतर रहता है ? दुनियादारी ऐसे पुण्यात्माओं को बहुत तडपाती है , बारबार रूलाती भी है !


विनोदकुमार महाजन

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