नियती

 एक कटुसत्य 

विनोदकुमार महाजन 

जैसा ईश्वर को हम देते है , ईश्वर भी हमें ठीक वैसा ही वापीस देता है.

जैसा हम नियती को देते है , ठीक वैसे ही नियती भी हमें वापीस देती ही है...

हरी ॐ

🙏🙏🙏🕉️

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