मोदिजी को पत्र ( ५१ )

 हमारे जैसे साधारण व्यक्ति, एक एक रूपये के लिए भी हिसाब किताब रखते है...और इनके पास...?

खरबों का खजाना...?
हे ईश्वर , तेरा लाख लाख आभार है , की ऐसे समय में तुने , मोदिजी नाम के युगपुरुष को धरती पर भेज दिया....
अन्यथा ?
इस देश का , ऐसे खरबों के भ्रष्टाचारी कितनी भयावह तबाही कर देते देश में...??

मोदियुग में भी ऐसे महाभयंकर चोर मिल रहे है...
तो सोचिए... जब ऐसे ही चोरों का राज देश पर था ? तो इन्होंने क्या नहीं किया होगा ?

ईश्वर है रखवाला...🙏🙏🙏🕉

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