इस्राएल
*इस्त्रायल इतना* *आक्रामक क्यों और कैसे* *हो गया....???*
✍️ २८०२
*विनोदकुमार महाजन*
🤺🤺🤺🤺🤺
यहुदी...
एक जबरदस्त बुध्दीवादी तथा सर्वोच्च रणनीती बनाकर अपने अस्तित्व को विश्व पटल पर , यशस्वीतासे पुनर्स्थापित करने वाला एक लढवय्या समाज.
संपूर्ण विश्व में कम आबादी तथा इस्रायल जैसा कम क्षेत्रफल वाला एक जबरदस्त शक्तिशाली झंझावाती समाज और देश.
अपने अस्तित्व की लडाई यशस्वीता से लडनेवाला संपन्न सुखी समाज.
जैसे हिन्दुओं पर अनेक सदियों से उसके नामोनिशाण मिटाने के तथा उसका अस्तित्व समाप्त करने के लगातार अनेक भयावह प्रयास किए गये ठीक वैसे ही यहुदियों पर भी अनेक सदियों से ऐसे भयावह प्रयास लगातार किए गये !
फिर भी आज हिंदू और यहुदी अपना अस्तित्व तथा अपनी संस्कृती लगातार आगे बढाने के लिये अथक प्रयास करते आ रहे है !
दोनों समाज ने अनेक स्थित्यंतरे देखी अनेक परिवर्तन देखे और समय के अनुसार खुद को बदलकर अपने संस्कृती को आगे बढाने की कोशिश की गई !
जिसका अस्तित्व ही बारबार खतरे में पड जाता है उसे अपना अस्तित्व कायम बनाये रखने के लिये हमेशा आक्रामक रहना ही पडता है !
हिंदू धर्म में ऐसी आक्रामकता कम दिखाई देती है ! मगर यहुदी अपना अस्तित्व बनाये रखने के लिये हमेशा जबरदस्त नियोजन बद्ध तरीकों से आक्रामक और शक्तिशाली रहते है !
उसके लिये उनके पास हमेशा एक शक्तिशाली रणनीती तैय्यार रहती है !
मगर ऐसी स्थिती में हिंदू सदीयों से उदासिन नजर आता है !
अपने धर्म के प्रति सभी यहुदी हमेशा और चौबिसो घंटे सचेत एवं जागरूक रहता है !
मगर हिन्दुओं में ऐसी जागरूकता तथा सचेत रहना दिखाई नहीं देता है अथवा कम दिखाई देता है !
सब कुछ ईश्वर के भरौसे ?
लगभग यही निती हिंदुओं की होती है !
विशेष बात यह है की , सदीयों से अनेक भयावह अन्याय अत्याचार सहने के बाद भी हिंदू समाज बहु मात्रा में निद्रीस्त ही रहता है !
ऐसी स्थिती यहुदीयों की नहीं है !
विश्व पटल पर अनेक विभिन्न संस्कृतीयां आयी और नामशेष भी हो गयी ! रोमन संस्कृती इसका उदाहरण है !
मगर हिंदू और यहुदी आज भी भयंकर समस्याओं के बावजूद भी अपना अस्तित्व लगातार बनाये रखने के लिये प्रयत्नशील रहता है !
इसी गंभीर विषय में हिंदू समाज थोडा संभ्रम में रहता है ! मगर यहुदी हमेशा चौकन्ना एवं जागरूक रहता है !
अगर ऐसा ही यहुदीयों जैसा हमारा हिंदू समाज चौबिसों घंटों चौतरफा चौकन्ना एवं जागरूक रहता तो शायद विश्व पटल पर हिंदुओं की पहचान आज की घडी में शायद अलग ही दिखाई देती !
अब देखते है यहुदी समाज हमेशा इतना आक्रामक क्यों रहता है ?
जब यहुदियों का संपूर्ण अस्तित्व ही खतरे में आ गया और उनके लिए एक देश भी नहीं बचा तब ?
बहुत प्रयास के बाद और लगातार अनेक कोशिशों के बाद दुनिया के नक्शे में एक छोटासा देश बन गया...
इस्त्रायल...
यह छोटासा देश बनने के बाद संपूर्ण विश्व में फैले हुए अनेक यहुदी अपने देश इस्रायल में स्थानांतरित हो गये !
चारों ओर से मुस्लिम देशों से घिरा हुवा... इस्रायल हमेशा अपना अस्तित्व बनाये रखने के लिये आरंभ से लेकर आज तक बहुत कडा संघर्ष करता आ रहा है !
जन्मजात संघर्ष ही इनके नशीब में है !
फिर हिटलर द्वारा की गई अनेक और भयंकर जघन्य हत्याओं के कारण यह समाज भयंकर दुखी मन से फिर से तेजिसे आक्रामक हुवा !
अपना अस्तित्व बनाये रखने के लिये इसकी नितांत आवश्यकता भी थी !
और इसके लिए उस समाज को हमेशा जागरूक तो रहना ही पडा !
साथ ही चारों ओर अपने अस्तित्व की लडाई के लिये एक यशस्वी रणनीती भी बनानी पडी !
आज के इस्रायल की यशस्वी होने की परीणती यही दर्शाती है !
इस्रायल हमेशा सजग और सावधान है ! इसिलिए अपना अस्तित्व विनाशकारी अणू शक्ती से बचाने के लिये भी लगातार अनेक प्रकार की यशस्वी योजनाएं बनाता रहा है !
अपने धर्म के प्रति , देश के प्रति उच्च कोटी का समर्पन भाव तथा श्रध्दा उन्हे उच्च कोटी का साहस तथा बल प्रदान करने में सहाय्यक होता है !
मगर दुर्देव से भयंकर अत्याचार सहने के बाद भी हिन्दुओं में ऐसी साहसिकता तथा जागरूकता नहीं दिखाई देती है !
आज भी हिंदू समाज पर भयावह चौतरफा हमले होने के बावजूद भी हिंदू समाज निद्रिस्त है !
इतना ही नहीं तो अपना अस्तित्व खतरे में आने के बाद भी हिंदू समाज आज भी आपस में लडता है ! और आपस में लडने में शायद हिंदू समाज माहीर भी है !
जागरूकता अथवा अखंड सावधानता हमारे हिंदू धर्म में कम दिखाई देती है !
हमारे आदर्शों का , संस्कृती का , देवीदेवताओं का , गौमाता का कोई कितना भी भयंकर उपहास करें ?
मुर्दाड मन से पडे रहना और मुर्दे जैसा जीना ही शायद हिंदू समाज जानता है !
जागरूकता है ही नहीं !
अथवा बहुत ही कम दिखाई देती है !
उन्हे कोई जागरूक करने का प्रयास करेगा तो ? यही दुर्दैवी हिंदू समाज भूत बनकर उस जगाने वाले के पिछे पडेगा !
उसे ही बदनाम करेगा , बरबाद करेगा , अधर्मीयों के साथ मिलकर सच्चे , अच्छे और प्रखर राष्ट्र प्रमीयों को ही उलटा कारागृह में डालने की भी कोशिश करेगा !
यही फर्क है यहुदीयों में और हिन्दुओं में !
एक उदाहरण के तौर पर देखते है की...
जैसे कोई व्यक्ती चारों ओर से भयंकर मुसिबतों से घिरा हुवा है ,
चारो ओर उसके हितशत्रू , जैसे अनेक गुप्त स्वकीय शत्रू , सामाजिक शत्रू , आर्थिक परेशानियां , अनेक बिमारीयों से घीरा हुवा है , आग जैसी भयंकर मुसिबतों से चौबिसो घंटे घिरा हुवा है , अपने - पराये सब उसे नरकयातनाएं दे रहे है , उसका सत्य होकर भी उसे ही उल्टा बदनाम किया जा रहा है , लगातार उसपर चौतरफा हमले कर रहे है तो ? ...
उस व्यक्ती का अस्तित्व ही मुसिबत में आ जायेगा...
और ?
अपना अस्तित्व बचाने के लिये , वह व्यक्ती पागलों की तरह आक्रामक तो होगा ही ना ?
उसकी मनोदशा समझने के लिये भी कोई तैय्यार नहीं होगा...उल्टा उसे ही गुनहगार साबीत करने का लगातार प्रयास करेगा तो ?
ऐसा व्यक्ती क्या किसी के पैर पकडेगा ?
ठीक ऐसी ही दयनीय स्थिती किसी समाज की होगी तो ? वह समाज अपने अस्तित्व के लिये , चौतरफा आक्रामक तो होगा ही ना ?
यहुदी इसिलिए जी जान से चौतरफा लड रहे है !
हिंदुओं की भी ठीक ऐसी ही स्थिती होकर भी ?
हिंदू सजग और आक्रामक होकर लडने के बजाए ?
आपस में ही लड लडकर मर रहा है ?
चारो ओर से भाग रहा है ? आश्चर्य है ना ?
यहुदी समाज लढवय्या है इसिलिए संपूर्ण विश्व में लोकप्रिय हो रहा है !
और हिंदू ? संपूर्ण विश्व में पिछे हट रहा है ?बदनाम हो रहा है ??
साधारणतः शब्दों के प्रहार से ही किसी का स्वाभिमान जाग उठता है !
मगर हिंदू एक ऐसी डुबती हुई नस्ल है की , शब्दों से दूर...
लाठी लेकर कोई मारेगा तो भी नहीं जागेगा उल्टा...? चौतरफा भागेगा ही भागेगा !
कश्मिर की तरह...
ऐसे स्वाभीमान शून्य समाज को कौन जगाएगा ? क्यों जगाएगा ?
स्वयं ईश्वर भी ऐसे लोगों से दूर ही रहेगा !?
उपर से...
हिन्दुओं को ऐसे संत मिले...?
जो कहते है...
" एक थप्पड मारने पर दूसरा गाल आगे करना होगा...! "
और ऐसे संत को हिंदू आदर्श मानता है तो ?
हिंदुओं का अंध:पतन कौन रोकेगा ?
वारे हिंदू समाज ?
और वारे हिंदू समाज के ऐसे विनाशकारी सोच वाले...महान संत...??
हमारे देवी देवता भी हमेशा शस्त्र संपन्न रहते है और हमें भी निरंतर ठीक ऐसा ही संदेश देते है...
मगर...उफ्फ्....
तेजस्वी देवीदेवताओं के महान देश में , ऐसी विचारधारा वाले भी ?
संत और उनके ही झूटे अनुयायी...?
अनेक सालों तक राज करते है तो... ?
आश्चर्य...महद् आश्चर्य...
है ना...?
हमारे ही विनाशकारी शक्तियों को सरपर लेकर नाचना...?
यह कौनसी मानसिकता है हमारे समाज की...?
अगर हिंदू समाज को भी अपना अस्तित्व , स्वाभीमान कायम रखना है तो...?
इस्रायल की तरह...
यहुदियों की तरह...
सचेत , चौकन्ना , जागरूक और लढवय्या होना ही पडेगा !
तभी अस्तित्व बचेगा...
अन्यथा...?
*कृष्णाय स्वाहा...*
आगे कृष्ण ही जाने...
श्रीकृष्ण गोविंद हरे मुरारी...
हे नाथ नारायण वासुदेव...
*जय हरी विठ्ठल.*
🚩🚩🚩🚩🤺
Comments
Post a Comment