दिदी ( ५ )

 कृष्ण स्थितप्रज्ञ है यह बात मैं मानता हूं।

मगर गौमाताओं का आज का आक्रंदन और गौमाताओं के खून की आज की बहती नदीयाँ देखकर भी कृष्ण मौन , शांत और स्थितप्रज्ञ कैसे रह सकता है ?

कोई भक्त मुसिबतों में फँसकर,तडप तडप कर मर रहा है , और भगवान को जी जान से पूकार रहा है...
तो ऐसे भयंकर विपदाओं के क्षणों में भक्त की रक्षा के लिए ,तुरंत दौडकर आयेंगे ?या फिर मौन और स्थितप्रज्ञ ही रहेंगे ?

मुख्य प्रश्न यह है की
गोपाल को गौमाताओं का आक्रंदन आज क्यों नहीं सुनाई दे रहा है ?
विशेषता भगवान होकर भी ?
और भक्तों के रक्षा का ,
भगवत् गीता में वचन देकर भी ?

ठीक है
प्रारब्ध गति के अनुसार
प्रत्यक्ष परमात्मा श्रीकृष्ण देहरूप से
अभिमन्यु के पास होकर भी
अभिमन्यु को नहीं बचा सके।

मगर आज का अधर्मीयों का भयावह माहौल ,
जलती हुई सज्जनशक्तियों मानसिकता
लाखों गौमाताओं का आक्रंदन
और अधर्म की भयंकर चारों ओर लगी हुई आग
प्रत्यक्ष परमात्मा देख भी कैसे सकते है ?
इतनी भयावह स्थितप्रज्ञता कैसी ?

धर्म डूबने की कगार पर है आज
सत्य परेशान है
ईश्वर निर्मित सत्य सनातन धर्म संपूर्ण धरती पर तडप रहा है ।

तो भी परमात्मा मौन , शांत , स्थितप्रज्ञ क्यों ?
और कितने दिनों तक ?

पाकिस्तान गया ,बांग्लादेश गया ,मँनमार गया ,श्रीलंका गया ,इरान इराक भी गया ,अफगानिस्तान भी गया

इस देश में भी हर जगहों पर हरदिन मिनी पाकिस्तान बनाकर ,ईश्वर भक्तों ,निष्पाप जीवों की नितदिन भयंकर और जघन्य हत्याएं हो रही है...

तो भी...???
ईश्वर मौन और शांत क्यों है ?

तो धर्म नामशेष होनेपर ही विष्णु
" पंढरपुर में " आँखें खोलेगा ?

दिदी
दोलायमान अर्जुन को
सिर्फ और सिर्फ भगवान श्रीकृष्ण ही शांत कर सकते है !
और " अगला रास्ता " भी दिखा सकते है !

मेरे अग्नीबाण जैसे प्रखर मगर सत्यवादी प्रश्नों के लिए क्षमा चाहता हूं ।
शायद मेरा अज्ञान भी हो सकता है।
मगर यह अज्ञान दूर करने के लिए
केवल और केवल कृष्ण ही चाहिए ।

कहाँ मिलेगा वह मुरलीमनोहर ?
और सुदर्शन चक्र धारी ?
दोनों भूमिका एकसाथ निभाने वाला
परमात्मा ?

कुछ गलत लिखा है तो क्षमस्व।
🙏🙏🙏🕉🚩

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