अर्धज्ञानी

 मुर्ख अर्धज्ञानी भी अब खुद को महाविद्वान समझ रहे है... परिणाम ? लोकतंत्र का भयावह दुष्परिणाम...क्या ऐसे मुर्ख लोग ? मुगल अंग्रेज की गुलामी से या फिर ? सख्त गुलामी में ही अच्छा आचरण कर सकते है ? लोकतंत्र एक भयावह शाप ?

विनोदकुमार महाजन

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